रानी लक्ष्मीबाई को लेकर कंगना रनौत ने कही ये बड़ी बात

'मणिकर्णिका : द क्वीन ऑफ झांसी' अगले साल 25 जनवरी को रिलीज होगी

अभिनेत्री कंगना रनौत का कहना है कि वह रानी लक्ष्मीबाई के कारण आजादी के मूल्य को समझती हैं. कंगना ने आईएएनएस को दिए एक बयान में कहा, "मैं सभी की तरह रानी लक्ष्मीबाई की गाथाओं और पौराणिक बातों को सुनकर बड़ी हुई हूं, लेकिन उस वक्त मैं उनकी जिंदगी की प्रचंडता को नहीं जानती थी. उनकी युवावस्था शत्रुओं से लड़ने और आम लोगों को योद्धा बनाने में बीत गई." उन्होंने कहा, "उनकी जिंदगी के बारे में जो चीजें अज्ञात हैं, वह यह है कि उन्होंने गोद लेने व महिला सशक्तिकरण जैसी आज के समय में स्वीकार्य कई चीजों के लिए लड़ाई लड़ी.

वह पूर्ण रूप से छुआछूत के खिलाफ थीं और कभी भी जाति व्यवस्था में विश्वास नहीं रखती थीं. वह ब्राह्मण थीं, जो क्षत्रियों की तरह लड़ती थीं. उन्होंने बरगद प्रथा, पर्दा प्रथा, जाति व्यवस्था और छुआछूत के खिलाफ लड़ाई लड़ी. उन्होंने इन सभी चीजों से निरंतर लड़ाई लड़ी और इन पर विजय प्राप्त की."

उन्होंने कहा, "वह एक दूरद्रष्टा थीं और मैं उनके कारण आजादी का मूल्य अधिक समझती हूं." राधाकृष्ण जगरलामुदी द्वारा निर्देशित 'मणिकर्णिका : द क्वीन ऑफ झांसी' अगले साल 25 जनवरी को रिलीज होगी. फिल्म में रानी लक्ष्मीबाई की जिंदगी को चित्रित किया गया है. कंगना उनकी जिंदगी को पर्दे पर साकार करती दिखाई देंगी.

कंगना को झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के अंदाज में देखा जा सकता है। घोड़े पर सवार वीरांगना के गेटअप में कंगना रानी लक्ष्मीबाई के चित-परचित अंदाज़ में दिख रही हैं, जो आप पहले भी विभिन्न तस्वीरों के ज़रिए देखते रहे हैं। गौरतलब है कि 1857 में ब्रिटिश हुकूमत के ख़िलाफ़ जब भारतीय स्वतंत्रता की पहली लड़ाई लड़ रहे थे तो स्वाधीनता की इस जंग में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई अपने बेटे दामोदर राव को पीठ पर बांधकर लड़ने पहुंची थींl इस लड़ाई में वह वीरगति को प्राप्त हो गई थींl इस इतिहास प्रसिद्ध वाकये को ही इस पोस्टर पर जगह दी गयी है। 

 

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